गुलज़ार शायरी

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gulzar poetry

होता होगा तुम्हारे यहां घड़े का पानी मीठा,

हमारे यहां आज भी इश्क़ से मीठा कुछ नहीं!

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आप महज़ मिलने का हमसे बहाना तो ढूंढ लो

दुनिया की नजरों में इसे इत्तफ़ाक़ हम साबित कर देंगे…

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उसकी बेवफ़ाई की हद तो देखो…..

वो मेरे से मिलने आती है किसी और की दी हुयी पायल पहन कर!

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कोई अजनबी खास हो रहा है,

लगता है फिर से मुझे प्यार हो रहा है!

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तेरी तस्वीर से भी अब मै सवाल पूछता हूं,

मत पूछ की अब किस किस से मै तेरा हाल पूछता हूँ!

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उम्र छोटी है तो क्या जिंदगी का हर मंजर देखा है,

फरेबी मुस्कुराहटे देखी है, बगल में खंजर देखा है!