गुलज़ार शायरी

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gulzar poetry

तुझे पा ना सके तो सारी जिंदगी तुझे प्यार करेंगे,

जरूरी तो नहीं जिसको पाया नहीं जा सके उसे छोड़ दिया जाए

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आसानी से टूट जाऊ, वो इंसान थोड़ी ना हू,

सब को पसंद आ जाऊ, चाय थोड़ी ना हू!

इस शहर की चकाचौंध में,

हम वो गाँव का सुकून गवा बैठे

gulzar poetry in hindi on life
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अफवाहों के धुएं वहीं से उड़ते हैं,

जहां तुम्हारे नाम की आग लगी हो!

दर्द को मुस्कुरा कर सहना क्या सीख लिया,

लोग सोचते है कि इसको तो तकलीफ ही नहीं होती!

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रखते थे होठों पे उंगलियां जो मरने के नाम से

अफसोस वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले